SWATANTRA...SOCH

All religions, arts and sciences are branches of the same tree. All these aspirations are directed toward ennobling man's life, lifting it from the sphere of mere physical existence and leading the individual towards freedom.No one should negotiate their dreams. Dreams must be free to flee and fly high.

  • About This Blog

    This blog contains poems written by me on different topics and with different essence everytime, along with photographs shot by me during various trips in India and UK containing macros, sceneries, urban and rural shots, I hope this blog will serve you with a range of variety and you will enjoy my work.


खुली  हवा  सा  बहता  था...  कैसे  मैं  बंध  गया  हूँ ?
मैं तो  मुसाफिर  था ... ये  कहाँ  ठहर  गया  हूँ ?

यूँ  ही  निकलता ...कभी  रुकता  कभी  चलता 
हर  रोज़ मैं किसी ... नए  मौसम  से  मिलता
कोई डोर  नहीं  थी ... बाँध  लेती  जो  मुझे 
कोई  छोर नहीं  था ... ना  ढूंढूं  में  जिसे !

 ये कैसा अँधेरा  है .. जिसे  देख  थम  गया  हूँ ...
मैं तो  मुसाफिर  था ... ये  कहाँ  ठहर  गया  हूँ ?

सूरज  की नर्म  किरणें ... हौले  से  थपकती  थीं 
गुज़रती हुई  हवाएं ... मेरे  गले  लगतीं  थीं 
ओस  की  बूंदों  में ... मेरा अक्स दीखता था   
हर राहबर मुझे... अपना कोई लगता था !

ये  वक्त  की  है  करवट ... या  मैं  बदल  गया  हूँ ?
मैं तो  मुसाफिर  था ... ये  कहाँ  ठहर  गया  हूँ ?


हर  शाम  ढूंढता  था .... कोई  नया  बसेरा ...
कई हौसले देता था..... मुझको नया सवेरा 
हर  राह  लगती  है ... अब  अजनबी  सी  मुझको 
जिनसे  कभी  था  मेरा ...सम्बन्ध बहुत  गहरा ..


ठोकर  लगी  है  मुझको ?.. या  में  फिसल  गया  हूँ ?
मैं तो  मुसाफिर  था ... ये  कहाँ  ठहर  गया  हूँ ?

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SHOTS FROM MY MOBILE.....

Posted by Priyanka Telang On 7:38 AM 3 comments

 


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जिस दश्त  से  तू  गुज़रे....  उसे  फूलों  से  सजा  दूँ
ये  आग  जो  भड़की  है....  उसे  और  लगा  दूँ


तू  आज  मुझे  जी  भर के..... देख लेने  दे  ज़रा
इस  नज़र  में  वो  असर  है...  कि  पत्थर पिघला  दूँ


दुनिया  की फिकर ना  कर....  ये  दुनिया तो... भरम  है
जो थाम ले तू हाथ मेरा ...,में अपनी अलग एक.... दुनिया ही  बसा  दूँ


पेशानियों  पे  लिखा है............ गर  नसीब तो
जो तुझसे..  जुदा  करे...  वो  लकीर  मिटा  दूँ


कौन  कहता  है  कि...  तनहाई  का  ताल्लुक  है  ग़म  से
तेरी  यादों  से...  तनहाई  की  महफिलें  सजा दूँ


ज़ाया  हुआ  है..  बहुत  वक़्त...  तेरी  आरज़ू  में  ऐ-हबीब
हर एक  पल  जो  बाक़ी  है..  तेरे  सदके...  मैं  लुटा  दूँ

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तेरे  नाम  से  वा-बस्ताह  मुझे  मानने  लगे  हैं ..
इस  शहर  के  लोग .. अब  मुझे  पहचानने  लगे  हैं ...

मेरे  चेहरे  की  रौनक  में. .. तेरा  नूर  दीखता  है ...
ये  क्या  हुआ  है  मुझको ...ये  कैसा  करिश्मा  है ..

निगाहों  में  बस  गया  है ...चुपके  से  अक्स  तेरा ...
मुझसे  जुदा  हुआ  है ... हौले  से  सुकून  मेरा ...

अब  लोग  पूछते  हैं ...सवाल  कई  मुझसे ...
हर  बात  जोड़ते  हैं .. मेरी  बेकली  की  तुझसे ....

कैसा  अजब  नशा  है...अब  होश  ही  कहाँ  है ...
दास्तान  मेरे  दिल  की ...जानता  मेरा  खुदा  है ...

दीवानगी  ये  तेरी ...बन  गयी  है  उलझन  मेरी ..
जी  चाहता  है  फ़ना  होना ..मोहब्बत  में  सनम  तेरी ...

इस  बेखुदी  में  सब  कुछ ... हम  हारने  लगे  हैं
इस  शहर  के  लोग .. अब  मुझे  पहचानने  लगे  हैं ...


वा-बस्ताह  - attached,bound together
बेकली - Restlessness

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KHAJURAHO TEMPLES......

Posted by Priyanka Telang On 6:23 AM 1 comments

Don't miss the slide show.... ;)


 
 


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I love dominating you... sometimes!!

Posted by Priyanka Telang On 8:01 AM 2 comments



Although i know... you are just mine
I love dominating you... sometimes!!


The day we met.... i wasn't sure
your eyes were bright...ur heart so pure
I felt our love will always shine....
ohh.. I love dominating you sometimes


your gentle touch is so refreshing
when you pull me close my heart go racing...
I know you have your own style
but I love dominating you sumtimes...


your cheerful smile is a pretty gud sign
when you hold me tight..it feels so fine....
you are man of my dreams,yes you are mine
but I love dominating you sumtimes!!


while I cant show it all the time,... 
o' sweetheart!! I misssss you big time!!
I know you can always... read my mind...
yes...I love dominating you sumtimes...

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Raneh Falls at KHAJURAHO

Posted by Priyanka Telang On 9:21 AM 0 comments

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यूँ  तो  कट  जाएगी 
ज़िन्दगी  की .. ये  डगर
तू  जो  मिल  जाए ... अगर
होगा  हसीन ... ये  सफ़र


कुछ  भी  आता...नहीं 
तेरे...  सिवा ... मुझको  नज़र
हो  गया  है...  इस  कदर 
रूह पर.... तेरा असर


थाम  लो  जो .. हाथ  तुम
फिर  मुझे ... किसका  है  डर
तेरे  ही  दिल  में रहूँ
नहीं  चाहता  .. कोई  नगर


अब  नहीं  है .. कोई  भी  
ग़म  मुझे .. ऐ  हमसफ़र 
जितनी  भी  खुशियाँ  मिलें 
कर  दूँ  सब .. तुझ  पे  नज़र ...


जब  भी  मांगूं...  दुआ
हाथ  अपने ..... जोड़  कर
में  यही  सजदा  करूँ
चाहूं..... तुझे ही  उम्र  भर!

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ग़म  का  अक्सर .. आना-जाना हो  गया
मुश्किलों  से .. दोस्ताना  हो  गया ...


बे 'बाक  होके  में  चला .. मंजिल  को  पाने
बेख़ौफ़  हो .... निकला  था  खुद  को  आजमाने ..
कुछ  हादसा  ऐसा  हुआ ...सब  ख़ाक  हो  गया
मुश्किलों  से .. दोस्ताना  हो  गया ...


क्या  ज़मीं .... क्या आसमां ...
क्या फलक ...क्या  हावियाह..........
हर  जगह ... मेरा .. ठिकाना  हो  गया
मुश्किलों  से .. दोस्ताना  हो  गया ...


अब  नहीं  कुछ  भी ..... की  जिसका  ग़म  करूँ
मुस्तकिल  नहीं  है कुछ ... तो  फिर  में  क्यूँ  डरूं
मेरा  नहीं  था  वो ... जो  मुझसे  खो  गया ..
मुश्किलों  से .. दोस्ताना  हो  गया ...


सच्चा  नहीं  कोई ... तो  किसकी  में  सुनूँ ?
में  वो  बशर  हूँ .. जो अपनी  मर्ज़ी  से  चलूँ 
नयी  राह  पे  निकला....तो  रुसवा  हो  गया 
मुश्किलों  से .. दोस्ताना  हो  गया ..




हावियाह  :  The Lowest Region Of Hell
फलक     :  Heaven
मुस्तकिल  :  Never ending, Permanent
बशर    :  man, person

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BLACK AND WHITE....

Posted by Priyanka Telang On 8:55 AM 1 comments

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......MY ANGEL.........

Posted by Priyanka Telang On 9:46 AM 3 comments


My past…....was dark...

Full of wounds and scars
n just when I was loosing life..
out of the blue... you arrived....

in your eyes.... I looked,....
there was a.... magical charm....
I fell in love....... cud see no harm…
I got my pair of... .Wings again..
the tears this time washed all my pain..

Although a stranger.... you were once
You came... and vanished all my curse
you filled... the vacuum in my life
I know.. ..I found my Mr. Right

My worth was found in your compassion
I belong to you.....u r' my obsession
We are inseparable......as we are one
The magnetism ..u have , I found in none

You are my dream... my destiny...n
Most wonderful thing that happened to me
Your love is my.... utmost strength          
You are my angel...my AMAaaaaaZING man

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मजदूर ............

Posted by Priyanka Telang On 6:45 AM 1 comments


एक  दिन  मैं  ऑफिस  जा  रहा  था
और  रोज़मर्रा  की  तरह  झुंझला  रहा  था
एक  निरीह  आदमी  मुझे  देखे  जा  रहा   था
और  कुछ  सोचते  हुए  मुस्कुरा  रहा  था


काफी  देर  बाद  उसने  अपनी  चुप्पी  तोड़ी 
बोला  आप  नाहक  ही  परेशां  हैं  जबकि
आपकी  तनख्वाह  है  ज्यादा  और  हमारी  थोड़ी


मैंने  कहा  तनख्वाह  से  परेशानी  का  क्या  रिश्ता ?
टेंशन  तो  मुझे  देर  से  पहुँचने  का  है 
 वरना  मैं  भी  यहाँ  खड़ा  खड़ा  हँसता
इससे  तो  कम  मैं  तुम्हारी  तनख्वाह  मैं  पिसता


वो बोला अगर  ऐसा  है
तो  चलो  नौकरी  बदल  लेते  हैं
आप  मजदूर  बन  जाओ
हम  कंप्यूटर  कर  लेते  हैं


मैंने.......  व्यंग्य से कहा
कंप्यूटर  सीखना  बड़ी  टेडी  खीर  है
वो  मुस्कुरा  के  बोला  मजदूरी  कर  लीजिये
दो  दिन  और फिर कहिये  कैसी तकदीर  है ?


बात  ज़रा  देर  से  ही  सही..  मुझे  समझ  मैं  आई
मैंने  उसकी  तरफ  संवेदना  से  देखा  और  हमदर्दी  जताई
उसने  कहा........  आप  मुझ  पे  तरस  ना  खाइए
पर  खुद  को  जाके...  किसी  डॉक्टर  को  दिखाइए


बोला  हम  मजदूरी  मैं.........  पसीना  बहते  हैं
और  उसी  के........  कतरे - कतरे  से  खाते  हैं
आपके तो .......... पसीने  से  भी  खुशबू  आती  है
फिर भी ना जाने आप लोगों  को कैसी चिंता सताती  है ?


मैंने  उस  से.............  सबक  लिया
और  फिर  अपने  ऑफिस  को  लपक  लिया
मुझे  फिर  से  लेट  देख  बॉस  गुर्राया 
पर  फिर  भी............  मैं  मुस्कुराया 


उसने  गुस्से  से  कहा  क्या  तुम  समय  पे  नहीं आ सकते
मैंने  कहा  आप  ये  बात  प्यार  से  नहीं  बता  सकते
वो बोला  तुम्हे  पता  है  तुम्हारा  बॉस  तुम्हारे सामने  खड़ा  है
मैंने  हंसकर  पूछा  क्या  आपका कभी  किसी  मजदूर  से  पाला  पड़ा  है ??

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तेरे  साथ  ज़िन्दगी  बिताने  कि  तमन्ना  है..........
तुझे  दिल में बसाने  की  तमन्ना  है..........


फूलों  में  रंग  तो  भर  दिए .... बहार  ने
अब  उन्हें  और ... महकाने  की  तमन्ना  है .....


यूँ  तो  होश  खोये  हैं ... कई  बार  मय-कदा   में.......
अब  तेरी  आँखों  में .. खो  जाने  की  तमन्ना  है


बहुत  हसरतें  तो  नहीं ..... रखता हूँ मैं दिल  में........
बस  एक  शाम  तेरे  पहलू  में  बिताने  की  तमन्ना  है...........


रातें  गुजारी  हैं  कई ... बेदारी  में हमने...........
एक  बार  तेरी बाहों में...  होश  गंवाने  की  तमन्ना  है ........


ना  दुनिया  की  गरज  है ... ना  अमीरी  की  इक्तेज़ा.......
कुछ  और नहीं बस .... तुझे  पाने  की  तमन्ना  है..........


ज़िन्दगी  बीत  रही  है .....मौत  भी  आएगी  एक  दिन......
क़ज़ा  के  बाद  भी  तुझे ...चाहने  की तमन्ना  है ......


Glossary
 बेदारी -  Alertness, Awakening, Rousing, Wakefulness, 
इक्तेज़ा -  Requirement, Need, Demand
क़ज़ा -   Destiny, Death, Fate, Jurisdiction, Judgement

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HARIDWAR KUMBH.......

Posted by Priyanka Telang On 3:32 AM 0 comments

Few shots from Haridwaar Kumbh....




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मेरी  मंजिल  के  सफ़र  तक  सिर्फ  मेरी  तनहाई  थी 
मेरी  हमसफ़र  कोई  और  नहीं .. मेरी  परछाई  थी .... 

चल  पडा  था  ढूढने .....  अपना  ठिकाना 
ना  साथी , ना  राहबर , न...  कोई  बेगाना 
धुंधली सी  एक  रूह...  मेरे  पीछे  पीछे  आई  थी 
जो  देखा  तो  जाना...  वो  मेरी...  परछाई  थी ....

मैंने  फ़िक्र  नहीं  की .. चाहे  ग़म  हो  या  ख़ुशी ..
मुझे  हर  आशना  मिला .... जैसे  कोई  अजनबी ..
पर खलवत  मैं  भी  जैसे  किसी  ने  आवाज़  लगायी  थी 
में  पलटा  तो  देखा ... वो  मेरी  परछाई  थी ....

फिर  वो  मुकाम  आया , सब  खोया  जो  था  पाया 
मैं   रोया  चिल्लाया , पर  कोई  भी  ना  आया ...
जब  घोर  अंधेरा  था ... और  वीरानी  सी  छाई  थी 
वहीँ  पे  खड़ी  थी .. वो  मेरी  परछाई  थी ...


कभी  गिरा  कभी  दौड़ा , कभी  ठहर  गया  थोड़ा
बड़ी  अज़ीयत  मैं  भी ... मैंने  हौसला  न  छोड़ा ...
अपने आप  ही  मैंने  नदामत  की  दिवार  गिराई  थी 
जो  साथ  थी  मेरे  हरदम .. वो मेरी  परछाई  थी 

अब दिन संवर गए हैं... मौसम बदल गए हैं
सारवत के हमारी अब .. आलम नए नए हैं 
मेरी बरक़त को देख... वो  होले से मुस्कुराई थी
कोई ओर नहीं............ वो मेरी परछाई थी 

आशना - acquaintance 
खलवत - Solitude, Isolation
अज़ीयत- Trouble, Difficulty
नदामत - Guilt, Regret, Repentance
सारवत - wealth, prosperity

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Urban shots....

Posted by Priyanka Telang On 4:20 AM 2 comments

Few shots of London and Scotland.... 


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अब  कभी  आँगन  में  मेरे  धूप  ना  होगी
कोई  भी  ख़ुशी  अब  मुझे  महसूस  ना  होगी ................
चेहरे  से  झलकती  है दास्तान -ए -मोहब्बत
हालत  मेरी  पूछने  की  ज़रुरत  भी  ना  होगी .................................




कुछ  भी  ना  सही  उम्र  भर  बस  ये  ख्याल  हो
की  उनकी  भी  आँखों  में  नमी  थी  मेरे  लिए .............
हर  अश्क  लुटा  देंगे  हम  उनकी  हंसी  पर
खालिश  जो  दफ़न  है  कभी  पैदा  ही  ना  होगी ..................




दास्ताने वफ़ा  कौन  भला  हमको  कहेगा
जीकर  भी  जिन्दा  कोई  ना ...अब  हमको  कहेगा ..............
मौत  ने  भी  रुख  है  मोड़  लिया  इस  ख्याल  से
की  जो  अंदर  से  मर  चुका  है  उसकी  मौत  क्या  होगी ..................

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RAASLEEA

Posted by Priyanka Telang On 2:25 AM 1 comments

Few pics from Holi Raasleela Vrindavan..........ENJOY.

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